तसल्ली के पल

 

 

बोगनवेलिआ की छतरी से झरते बिखरते फूलों के बीच गेट की सन्धि से दालान में, चलने और दौड़ने के बीच की कोई चाल,  लिबास में, लेदर की स्लीपर पहने, 



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