लोक संगीत - लोगो ने गाया बजाया, अपनी खुशी के लिए, इसके खो जाने का जब कोई डर न था, क़ीमत लगी न थी तब इसकी, जब ये कीमती था, बिना मिलावट के पीढ़ियों तक चलता रहा, आपके भी मन के किसी कोने में मद्धम ही सही पर बजता तो होगा, बाहर के शोर में सुनाता नहीं।
लोक संगीत - लोगो ने गाया बजाया, अपनी खुशी के लिए, इसके खो जाने का जब कोई डर न था, क़ीमत लगी न थी तब इसकी, जब ये कीमती था, बिना मिलावट के पीढ़ियों तक चलता रहा, आपके भी मन के किसी कोने में मद्धम ही सही पर बजता तो होगा, बाहर के शोर में सुनाता नहीं।
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