गर्मी की छुट्टी

 



कैमरा चाहकर भी सब कुछ नहीं समेट पाया, न तपते सूरज को मनाती, नदी का ठंडक, न नदी को छूकर आये नरम हवा के झोके, न कानो में बजती घंटियों की धुन, न पैरो को चुनती मछलियों की चुभन, न पानी फेकते बच्चो की चहचहाट, न पानी में देर तक डूबे रहने की घबराहट, न दूर रेत के टीलों पर चलते खिलौनों की आहट


  

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