शीशमहल


ज़िंदगी हर मोड़ पर लिए विकल्प है खड़ी, 
किसे चुनूं, छोड़ूं किसे, है दुविधा ये बड़ी। 

शेरनी के भेस में, भेड़िए ही हमको लूट गए। 
हाथियों की शोक में, बफादार कुत्ते छूट गए।

"हेल्थ इंश्योरेंस" की किस्तों में मुंह से निवाले रूठ गए। 
फ्लैट की दीवारें सजाने में, घर के दरवाजे टूट गए।

सुमित। 

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