गुरुः साक्षात् परं ब्रह्मा , तस्मे श्री गुरुबे नमः
गुरुदेव आपके चरणों में , हम शीश झुकाने आये है
गुरु बिन जीवन अधूरा है इसे पूर्ण बनाने आये है
जीवन में ज्ञान जरूरी है , पर गुरु बिन ज्ञान नहीं मिलता
शिक्षा से मिले सन्मार्ग हमे ,ये जीवन पुष्प तभी खिलता
जीवन पथ पर बढ़ते जाये , आशीष ये पाने आये है
गुरुदेव आपके चरणों में , हम शीश झुकाने आये है
गुरु बिन जीवन अधूरा है इसे पूर्ण बनाने आये है
ज्ञानी हो हम परोपकारी हो , जीवन में सेवा भाव जगे
हर काम करे हम निष्ठां से पर ज्ञान हमारा बना रहे
सम्मान सभी का करते है यह लक्ष्य बनाकर आये है
गुरुदेव आपके चरणों में , हम शीश झुकाने आये है
गुरु बिन जीवन अधूरा है इसे पूर्ण बनाने आये है
अज्ञान के इन अँधियारो में , बस गुरु ही ज्ञान की ज्योति दे
कंकर पत्थर से जीवन में बस गुरु ही चुनकर मोती दे
मोती से प्रदीप्ति पाने को हम शरण आपकी आये है
गुरुदेव आपके चरणों में , हम शीश झुकाने आये है
गुरु बिन जीवन अधूरा है इसे पूर्ण बनाने आये है
सुषमा चौबे

Comments
Post a Comment