साथी


ये तस्वीरें किसी द्वीप की नहीं है, ये दृश्य है एक बृद्धाश्रम का, जब अपने ही घर के दरवाजे अपने लिए ही बंद हो जाये, तब ही तो कोई बृद्धाश्रम की शरण लेता है, नर्मदा नदी में आयी इस बाढ़ ने बृद्धाश्रम के दरवाजे भी बंद कर दिए थे !

बाढ़ का पानी सामान के अलावा उनका सम्मान, उम्मीद और भी बहुत कुछ बहाकर ले चला था ! 

बृद्धजन हमारे जीवन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं, इतने महत्वपूर्ण की जिनके बिना जीवन जीवन नहीं लगता, बच्चो के किस्सों में शामिल ये पन्ने जीवन के थपेड़ो में किताब से अलग हो गए थे !

आओ हम सब मिलकर इनके साथ चले, एक साथी की तरह, ताकि इन्हे सहारे की जरूरत ही न पड़े.

 




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