आज कैंटीन में दो बुजुर्गो को बात करते हुए सुना।
अब जिंदगी से अलविदा लेने को मन करता है
न जाने भगवान कब बुलाएगा ?
अब बच्चे सब खाने कमाने लगे है, चैन से मर सकता हूं।
कल रात जब अचानक तबियत बिगड़ गयी, लगा आज ख्वाइश पूरी हो जायगी।
बच्चे तुरन्त अस्पताल ले गए, उस कमबक्त डॉक्टर ने बचा लिया,
भगवान से भी नहीं डरते ये लोग, एक दिन जब ये मौत मांगेंगे और भगवान मुँह फेर लेंगे तब शायद इन्हे अपनी गलती का एहसास होगा
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