दिन भर की थकान के बाद बड़ी चिंता रहती थी सोने की, सोने के पहले नींद की चिंता, नींद के बाद सोने की चिंता, पड़ोस में सोने की चोरी की खबर सुनकर, अब ऑफिस में कुर्सी पर सोना छूट गया |
सुबह शाम तिजोरी खोलूं, सोने का हिसाब करू ।
ना जाने कौन ताला तोड़कर, आज कोई, और सोना रख गया। मेरे सोने के गहनों को, अपने सोने से ढक गया।
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