संस्कृति हमारी






हर देश से निराली, हर देश से प्यारी
सम्मान हो बड़ो का ये संस्कृति हमारी

बृद्धो की करना सेवा इंसान का करम है  
आशीष उनका पाना सबसे बड़ा धरम है 

उनको नमन है करना इसमें ख़ुशी हमारी 
हर देश से निराली, ये संस्कृति हमारी 

कुछ पल उन्हें है देना औऱ सीख उनसे लेना 
जीवन के सारे अनुभव उनसे बटोर लेना 
हो मन में हमारे श्रद्धा उनके प्रति हमारी 
हर देश से निराली ये संस्कृति हमारी 

जीवन के इस सफर में कमजोर पढ़ न जाये
हर वक़्त साथ हो हम और होशला बढ़ाये 
उनके ही दम से दमके ये जिंदगी हमारी 
हर देश से निराली, ये संस्कृति हमारी 

बृद्धो के प्रति मन में सम्मान हो हमारे
श्रद्धा सुमन समर्पित, अर्पित हो उनको सारे 
आदर के साथ सबसे इतनी विनय हमारी 
हर देश से निराली, हर देश से प्यारी 
सम्मान हो बड़ो का ये संस्कृति हमारी 

                                                                                                                                        सुषमा चौबे   

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