असफल सफलता



चकरी ने दो कट चाय टेबल पर दे मारी , अगले ही पल कंधे से रुमाल खींचकर पोछने लगा, कस्टमर को कहाँ चाय के आने या गिरने का भान था। वो तो अपनी बातों में मशगूल था । चाय तो बस कैंटीन मे बैठने का जुर्माना था।

तू घर क्यों नई बता देता (चकरी जब टेबल साफ़ करने के लिए झुका तो मोबाइल के उस ओर से आयी आवाज भी समेट लाया )
कस्टमर फ़ोन पर- नई बता सकता , पापा पहले ही बहुत पैसे खर्च कर चुके हैं, कहेंगे नई हो रहा है कुछ तो बापस आ जाओ।

तो चले जाना बापस(फ़ोन के उस छोर से)

कस्टमर फ़ोन पर - ऐसे कैसे, मेरे सपनो का क्या, मैं जीवन भर फेलियर का टैग लगाकर नही घूम सकता , मोहल्ले वाले क्या कहेंगे , बाप की कमाई बर्बाद करके आ गया।



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