दो रूपए




मटर भिन्डी प्याज़ आलू टमाटर की कर्कस आवाज़ पर ड़ॉ साहब के बंगले से मेमसाब की सुरीली आवाज़ आई !
हाथो में डालिया लेकर आई मेमसाब के दुपट्टे से उसका मेमना भी उलज़कर आ गया था
रामचन्द्र बच्चे के टमाटर से गालो को देख रहा था, की उसकी नज़र बच्चे की टाई पर पड़ी,नज़रे दौड़कर तराजू की नौक पर आ गयी, और उसने तराजू से एक टमाटर वापस उतार लिया !

क्या भैया सोने की तरह तौल रहे हो
कितने पैसे हुए ?
मेमसाब 25  रूपये
20  रूपए दूंगी,एक टमाटर भी ज्यादा नहीं देते हो!
एक टमाटर के 5 रुपये कम तो बाकि टमाटर के 5  रुपये के हिसाब से पैसे दे दो!

गोलू  कि ड्रेस कितने रुपये की आयगी और पुस्तके टिफ़िन सोचते हुए ठेला धका रहा था। .............

क्यों भाई आज आवाज़ नहीं लगा रहा है,क्या बात है ये लौकी कैसी दी ?
दस  रुपये की
आठ रुपये ले लेना यार
थोड़ी सी धनिया रख दे
थोड़ी कितनी, दो रुपये की रख दूं?
हाँ रख दे।

ये ले आठ रुपये छुट्टे हैं
और  धनिया के?
अब धनिया के भी अलग से लेगा क्या, तेरे से ही तो लेते हैं हमेशा।

शाम को सब्जी खत्म होते ही, रस्ते में एक लाइट के नीचे,रोज की तरह पैसे गिनने लगा
1578……पूरे 278 का मुनाफा हुआ था आज
278 रुपये अलग जेब में डालकर चल दिया।

ठेले की चोट से टीन का फड़का खुला

गोलू आज जल्दी सो गया क्या बात है?
अभी आँख लगी है, कबसे रसता देख रही हूं गोलू को बहोत तेज बुखार है
सबेरे से तीन उल्टियाँ हो गई हैं, कछु खाओ भी नई

कित्ता गरम हो रा है,मैं ऑटो लेकर आत हूं,तू डिब्बे से पईसे निकल के रख
तो तुम रोटी तो खा लो

ऑटो अस्पताल के सामने रुखा

कित्ते हुए?
50 ,तेरे से  थोड़ी ज्यादा लूंगा

अस्पताल का नजारा बस्ती जैसा ही था, एक घंटे लाइन में खड़े होकर 20 रुपये की पर्ची कटी,और डॉ तक पहुँचते पहुँचते 9 बज गए

डॉ साहब तो अब घर पर ही मिल पाएंगे
क्या नाम है डॉ साब का ?
डॉ द्विवेदी

नाम सुनते ही एक बार फिर मेमने शक्ल सामने आ गयी

साहब ने गोलू को थर्मामीटर लगाया, मेमना मछरदानी में सो रहा था

डॉ-पास ही लैब है खून की जांच करा लाओ

450 रुपये जमा कर दो
मन नहीं माना, दिन भर भाओ ताओ करते लोगो से जो मिलता था
बोल बैठा 
भाई साहब कुछ कम नई होंगे?
ये कोई सब्जी की दुकान हैं
हजारो का केमिकल आता है, लाखो की मशीन हैं, कितने ही वैज्ञानिको की मेहनत हैं,क्या सब पैसा हम रखते हैं.

रामचन्द्र ने चुपचाप 450 रुपये निकाल कर दे दिए

डॉ-चलो ख़ुशी की बात हैं मलेरिया नहीं हैं साधारण बुखार है

रामचन्द्र को इतनी मँहगी ख़ुशी पहले कभी नई हुई थी, पेन की  चाल  दिल कि धड़कन बड़ा रही थी
पत्नी ने मुट्ठी खोलकर उसकी और बड़ा दी

डॉ-200 रुपये जमा कर दो

मेडिकल वाले भाई ने 648 के बिल की पेमेंट पर दो विक्स की गोलियाँ जोर से मारी
विक्स की गोलियों ने दो रुपये की धनिया की याद दिला दी थी

पैदल चलकर घर पहुंचे थके हुए सो गए

सुबह जल्दी उठना था,सरकारी स्कूल में दाख़िले की अंतिम तारीख़ थी!

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